स्लिप डिस्क का उपचार कैसे करें?HealthPlanet

Posted on Fri 9th Dec 2022 : 09:28

स्लिप डिस्क की जांच

आपको स्लिप डिस्क है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए मुख्य रूप से कुछ टेस्ट किए जाते हैं। जैसे किः-

1. फिज़िकल टेस्ट
इस टेस्ट के दौरान डाॅक्टर आपको चलने-फिरने या फिर दौड़ने के लिए बोल सकते है। ऐसा इसलिए ताकि आपकी सामान्य गतिविधि के दौरान शारीरिक स्थिति का पता लग जाए।
2. एक्स-रे
अगर रीढ़ की हड्डी में चोट लगी हो तो डाॅक्टर एक्स-रे के माध्यम से उसका पता लगा सकते हैं।
3. एम.आर.आई.
इससे यह मालूम चल जाता है कि डिस्क अपनी जगह से खिसकी है या नहीं। या फिर यह जांच हो सकती है कि यह तंत्रिका तंत्र (nervous system) को किस रूप से प्रभावित कर रही है।
4. सी.टी. स्कैन
अगर डिस्क में कोई चोट लगी है, उसके आकार या दिशा में कोई फर्क आया है तो उसे सी.टी. स्कैन के माध्यम से देखा जा सकता है।
5. मायलोग्राम
यह एक ऐसा टेस्ट है जिसमें रीढ़ की हड्डी के भीतर एक तरल रूपी डाई इंजेक्ट किया जाता है। उसे इंजेक्ट करने के बाद एक्स-रे किया जाता है और यह पता लगाया जाता है कि रीढ़ की हड्डी या नसों पर किस तरह का दबाव पड़ रहा है।
स्लिप डिस्क का इलाज

स्लिप डिस्क का इलाज व्यक्ति की समस्या पर आधारित रहता है, जैसे कि डिस्क कितनी स्लिप हुई है। आमतौर पर कुछ तरह के इलाज प्रसिद्ध हैं, जैसे किः

1. फिज़ियोथैरेपी
कुछ व्यायाम (exercise) के माध्यम से स्लिप डिस्क के दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। ऐसे समय पर आप मेवाड़ हाॅस्पिटल से संपर्क कर सकते हैं। हमारे फिजिकल थैरेपी ट्रैनर आपको कुछ ऐसे व्यायामों से परिचित कराएंगे जो कि आपकी कमर एवं नज़दीकी मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक होंगे।

2. दवाईयां
कुछ मौकों पर मांसपेशियों के खिंचाव को दूर करने के लिए डाॅक्टर दवाईयों से उपचार कर सकते हैं।

3. ओपन सर्जरी
अगर मरीज़ को व्यायाम और दवाई लेने के महीने भर बाद भी आराम नहीं मिलता है तो डाॅक्टर हालात को देखते हुए सर्जरी की मदद ले सकते हैं। जैसे कि एक सर्जरी है जिसे माइक्रोडिस्केटाॅमी कहा जाता है। इसमें पूरी डिस्क को निकालने के बजाय सिर्फ क्षतिग्रस्त भाग को निकाल दिया जाता है। इससे व्यक्ति को झुकने और अन्य कार्य में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता और इसके माध्यम से रीढ़ की हड्डी में पहले जैसा लचीलपन आ जाता है।
इसके अलावा कुछ अन्य सर्जरी जैसे स्पाइनल फ्यूजन और लेमिनेक्टाॅमी का प्रयोग भी स्लिप डिस्क के इलाज के लिए किया जा सकता है।

4. मिनिमली इन्वेसिव सर्जरी
यह आमतौर पर होने वाली सर्जरी से भिन्न होती है। इसमें छोटे चीरे के माध्यम से सर्जरी की जा सकती है। इसके साथ ही इस तरह की सर्जरी को ओपन नेक और बैक सर्जरी के मुकाबले सुरक्षित और प्रभावकारी माना जाता है।
स्लिप डिस्क से बचाव

स्लिप डिस्क को पूर्ण रूप से बचाना बेहद कठिन है, लेकिन अगर आप कोशिश करें तो इसके होने का खतरा कम कर सकते हैं। नीचे दिए गए कुछ महत्त्वपूर्ण बिंदुओं के माध्यम से समझें।

1. जब भी वज़न उठाएं, सावधानी बरतें। वज़न भारी होने के दौरान पीठ के बल उठाने के बजाय घुटनों को मोड़ कर वज़न उठाएं।
2. अपने शरीर को संतुलित वज़न में रखें। शरीर का वज़न भारी होने पर विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
3. जितना हो सके नियमित तौर पर व्यायाम करें। अपनी मांसपेशियों को मज़बूती प्रदान करने वाले व्यायामों पर खासतौर से ध्यान दें।
4. व्यायाम के साथ यह ज़रूरी है कि आपका भोजन संतुलित और पौष्टिक हो। स्लिप डिस्क के जोखिम को कम करने के लिए ऐसे आहार लें जिसमें विटामिन सी, डी, ई, प्रोटीन, और कैल्शियम की मात्रा हो। साथ ही हरी सब्ज़ियों और मौसमी फल का भी सेवन ज़रूर करें। अधिक जानकारी के लिए मेवाड़ हाॅस्पिटल के अनुभवी डाॅक्टर्स से संपर्क करें।
5. ज़्यादा देर तक एक ही पाॅजिशन में ना बैठें। अगर आप कंप्यूटर के सामने बैठते हैं तो कोशिश करें थोड़े समय में उठकर सीधे खड़े हो जाएं, कुछ कदम घूम लें, या मुमकिन हो तो थोड़ी स्ट्रेचिंग करलें।
6. सोते समय सही गद्दे और बिस्तर चुनें और अपनी पीठ को सही स्थिति में रखें।
7. ऊंची हील्स या फ्लैट चप्पल पहनने से बचें। हाई हील्स के फुटवियर पहनने के कारण कमर पर दबाव पड़ता है। और बात की जाए फ्लैट चप्पल की, तो इसे पहनने से पैरों के आर्च को क्षति पहंुच सकती है।
8. आयोजनों या अन्य किसी जगह पर एक ही स्थिति में ज़्यादा देर तक खड़े ना रहें। बैठते और काम करते समय अपनी पीठ को सीधा रखें।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info