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सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• की जांच
आपको सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• है या नहीं, इसका पता लगाने के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से कà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ किठजाते हैं। जैसे किः-
1. फिज़िकल टेसà¥à¤Ÿ
इस टेसà¥à¤Ÿ के दौरान डाॅकà¥à¤Ÿà¤° आपको चलने-फिरने या फिर दौड़ने के लिठबोल सकते है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठताकि आपकी सामानà¥à¤¯ गतिविधि के दौरान शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लग जाà¤à¥¤
2. à¤à¤•à¥à¤¸-रे
अगर रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ में चोट लगी हो तो डाॅकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤•à¥à¤¸-रे के माधà¥à¤¯à¤® से उसका पता लगा सकते हैं।
3. à¤à¤®.आर.आई.
इससे यह मालूम चल जाता है कि डिसà¥à¤• अपनी जगह से खिसकी है या नहीं। या फिर यह जांच हो सकती है कि यह तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° (nervous system) को किस रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर रही है।
4. सी.टी. सà¥à¤•ैन
अगर डिसà¥à¤• में कोई चोट लगी है, उसके आकार या दिशा में कोई फरà¥à¤• आया है तो उसे सी.टी. सà¥à¤•ैन के माधà¥à¤¯à¤® से देखा जा सकता है।
5. मायलोगà¥à¤°à¤¾à¤®
यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ टेसà¥à¤Ÿ है जिसमें रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤• तरल रूपी डाई इंजेकà¥à¤Ÿ किया जाता है। उसे इंजेकà¥à¤Ÿ करने के बाद à¤à¤•à¥à¤¸-रे किया जाता है और यह पता लगाया जाता है कि रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ या नसों पर किस तरह का दबाव पड़ रहा है।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का इलाज
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का इलाज वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की समसà¥à¤¯à¤¾ पर आधारित रहता है, जैसे कि डिसà¥à¤• कितनी सà¥à¤²à¤¿à¤ª हà¥à¤ˆ है। आमतौर पर कà¥à¤› तरह के इलाज पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ हैं, जैसे किः
1. फिज़ियोथैरेपी
कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® (exercise) के माधà¥à¤¯à¤® से सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के दरà¥à¤¦ को कम करने में सहायक होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ समय पर आप मेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² से संपरà¥à¤• कर सकते हैं। हमारे फिजिकल थैरेपी टà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤° आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ से परिचित कराà¤à¤‚गे जो कि आपकी कमर à¤à¤µà¤‚ नज़दीकी मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक होंगे।
2. दवाईयां
कà¥à¤› मौकों पर मांसपेशियों के खिंचाव को दूर करने के लिठडाॅकà¥à¤Ÿà¤° दवाईयों से उपचार कर सकते हैं।
3. ओपन सरà¥à¤œà¤°à¥€
अगर मरीज़ को वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और दवाई लेने के महीने à¤à¤° बाद à¤à¥€ आराम नहीं मिलता है तो डाॅकà¥à¤Ÿà¤° हालात को देखते हà¥à¤ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की मदद ले सकते हैं। जैसे कि à¤à¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€ है जिसे माइकà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤¿à¤¸à¥à¤•ेटाॅमी कहा जाता है। इसमें पूरी डिसà¥à¤• को निकालने के बजाय सिरà¥à¤« कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ à¤à¤¾à¤— को निकाल दिया जाता है। इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¥à¤•ने और अनà¥à¤¯ कारà¥à¤¯ में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता और इसके माधà¥à¤¯à¤® से रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ में पहले जैसा लचीलपन आ जाता है।
इसके अलावा कà¥à¤› अनà¥à¤¯ सरà¥à¤œà¤°à¥€ जैसे सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² फà¥à¤¯à¥‚जन और लेमिनेकà¥à¤Ÿà¤¾à¥…मी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— à¤à¥€ सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के इलाज के लिठकिया जा सकता है।
4. मिनिमली इनà¥à¤µà¥‡à¤¸à¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€
यह आमतौर पर होने वाली सरà¥à¤œà¤°à¥€ से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है। इसमें छोटे चीरे के माधà¥à¤¯à¤® से सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जा सकती है। इसके साथ ही इस तरह की सरà¥à¤œà¤°à¥€ को ओपन नेक और बैक सरà¥à¤œà¤°à¥€ के मà¥à¤•ाबले सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी माना जाता है।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• से बचाव
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• को पूरà¥à¤£ रूप से बचाना बेहद कठिन है, लेकिन अगर आप कोशिश करें तो इसके होने का खतरा कम कर सकते हैं। नीचे दिठगठकà¥à¤› महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से समà¤à¥‡à¤‚।
1. जब à¤à¥€ वज़न उठाà¤à¤‚, सावधानी बरतें। वज़न à¤à¤¾à¤°à¥€ होने के दौरान पीठके बल उठाने के बजाय घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ कर वज़न उठाà¤à¤‚।
2. अपने शरीर को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ वज़न में रखें। शरीर का वज़न à¤à¤¾à¤°à¥€ होने पर विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
3. जितना हो सके नियमित तौर पर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें। अपनी मांसपेशियों को मज़बूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ पर खासतौर से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
4. वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के साथ यह ज़रूरी है कि आपका à¤à¥‹à¤œà¤¨ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• हो। सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के जोखिम को कम करने के लिठà¤à¤¸à¥‡ आहार लें जिसमें विटामिन सी, डी, ई, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ हो। साथ ही हरी सबà¥à¥›à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मौसमी फल का à¤à¥€ सेवन ज़रूर करें। अधिक जानकारी के लिठमेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के अनà¥à¤à¤µà¥€ डाॅकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ से संपरà¥à¤• करें।
5. ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक à¤à¤• ही पाॅजिशन में ना बैठें। अगर आप कंपà¥à¤¯à¥‚टर के सामने बैठते हैं तो कोशिश करें थोड़े समय में उठकर सीधे खड़े हो जाà¤à¤‚, कà¥à¤› कदम घूम लें, या मà¥à¤®à¤•िन हो तो थोड़ी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग करलें।
6. सोते समय सही गदà¥à¤¦à¥‡ और बिसà¥à¤¤à¤° चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ और अपनी पीठको सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखें।
7. ऊंची हीलà¥à¤¸ या फà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ चपà¥à¤ªà¤² पहनने से बचें। हाई हीलà¥à¤¸ के फà¥à¤Ÿà¤µà¤¿à¤¯à¤° पहनने के कारण कमर पर दबाव पड़ता है। और बात की जाठफà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ चपà¥à¤ªà¤² की, तो इसे पहनने से पैरों के आरà¥à¤š को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहंà¥à¤š सकती है।
8. आयोजनों या अनà¥à¤¯ किसी जगह पर à¤à¤• ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक खड़े ना रहें। बैठते और काम करते समय अपनी पीठको सीधा रखें।
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